छोटे छोटे  लम्हे और इन लम्हों से बनती है हमारी यादें … हमारी यादों में समंदर है उन लम्हों के जिन्हें हम दुबारा जीना चाहते है … इस समंदर में अपने नाव लेकर आओ चले फिर से  घूम आये अपने कालेज के दिनों में …

IMG_20180516_185830

अमलतास के फूल, बच्चन से हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं |
//pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({
google_ad_client: “ca-pub-4688345464051297”,
enable_page_level_ads: true
});

संपूर्णानंद छात्रावास के सामने का यह अमलतास का पेड़, उन गर्मियों की सुबह की याद दिलाता है , जब हम एनुअल एक्जाम्स के लिए सुबह उठ कर तैयार होते थे और जब हम एस० एन० के बाहर से गुजरते हुए पीले पीले फूलो के बड़े से लबादे के नीचे छुपे इस अमलतास के पेड़ को देखते थे तो सुबह को और भी तेरा ताज़ा कर देने वाली उनकी भीनी भीनी खुशबू मौसम को कुछ ख़ुशगवार बना देती थी शाम की ललिमा में अमलतास के पीले फूल और भी मनोरम दिखते हैं … मानो पेड को किसी ने सोने के आभूषण पहना दिए हैं।… आज फिर से उस अमलतास पर पीले फूल आये है .. यह अमलतास हमें बुलाता है के आओ हम सब ….IMG_20180516_185841मथुरा वेटेरिनरी कालेज की पुरानी यादो में फिर से खो जाए …..

Untitledgdffhff

शाम की लालिमा ….Facebook page

आप इसे अपने दोस्तों से अपने फेसबुक पेज पर इसे शेयर करे ताको सभी दुवासू एलुमनाई तक ये पोस्ट पहुच सके …

#DUVASU #MATHURA #VETERINARY COLLEGE #NOSTALGIC # COLLEGE DAYS #FRIENDS FOREVER #AMALTAS

Advertisements